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मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• अनके जटिल संरचनाओं से यà¥à¤•à¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है| जनà¥à¤® के समय ही अनà¥à¤¯ अंगों की तूलना में अधिक परिपकà¥à¤µ हो चà¥à¤•ा होता है| मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास संबंधी जानकारियों में दो बिंदूओं को पà¥à¤°à¤®à¥à¤–ता दी गयी है| पà¥à¤°à¤¥à¤®, अतिसूकà¥à¤·à¥à¤® मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कोशिकाà¤à¤‚, दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯, पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ – मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की वे जटिल संरचनाà¤à¤‚ जो बौदà¥à¤§à¤¿à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं की विकास के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हैं| इन दोनों की वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤• है|
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशीय (नà¥à¤¯à¥‚रोनà¥à¤¸) का विकास
मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में 100 से 200 बिलियन तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोश पाये जाते हैं| इनमें सूचनाà¤à¤‚ संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ तथा सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¤‚रित होती रहती हैं| कà¥à¤› तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोष सहसà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशों से संबंध होते हैं | ये शरीर की अनà¥à¤¯ कोशिकाओं से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होते हैं| इनमें परसà¥à¤ªà¤° संधि सà¥à¤¥à¤² होती है| फलत: à¤à¤• साथ होने पर à¤à¥€ आपस में सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ नहीं हो पाता| तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोष से à¤à¤• दà¥à¤°à¤µ निकलता है जिससे सूचनाà¤à¤‚ रिकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ की पार à¤à¤• कोश से दà¥à¤¸à¤°à¥‡ कोश तक समà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤·à¤¿à¤¤ होती है|
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशों का समà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤£ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास के सà¥à¤µà¤°à¥‚प में निहित होता है, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोश के तीन विकासातà¥à¤®à¤• चरण होते हैं; (1) कोशिका उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ (2) कोशिका पà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤œà¤¨ à¤à¤µà¤‚ (3) कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨ (नोवोकोसà¥à¤•ी 1987)| जैसे कि पूरà¥à¤µ वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ है, à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤µà¤¿à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब से तांतà¥à¤°à¤¿à¤• कोष उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं à¤à¤µà¤‚ दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ तà¥à¤°à¥ˆà¤®à¤¾à¤¸à¤¿à¤• अथारà¥à¤¤ 6 माह के गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠमें यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पूरà¥à¤£à¤¤: संपनà¥à¤¨ हो जाती है|
इसके बाद इनकी विà¤à¥‡à¤¦à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठहोती है, अथारà¥à¤¤ निकटसà¥à¤¥ कोशिकाओं से संबंध होकर विशिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ होती हैं| संधि सà¥à¤¥à¤² की निरà¥à¤®à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में अनेक कोशिकाओं की कà¥à¤·à¤¯ जो जाती है| मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के किसी हिसà¥à¤¸à¥‡ के विकास की उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ आवधि में अवधि में कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करते हैं, इसलिठकोशिका मृतà¥à¤¯à¥ के बावजूद तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाà¤à¤‚ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पायी जाती हैं (सूमी, 1982)|
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोश की दिशा और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है| इनमें फाइबरà¥à¤¸ का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° होता है, इनका निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक रूप से होता है| इनसे तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोश संयोजित हो जाते हैं| उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ à¤à¤• नये कारक रूप में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– हो जाता है| ये परिवेशीय उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨à¥‹à¤‚ से उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¥à¤¤ होकर नयी संधिसà¥à¤¥à¤² का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करते हैं जो कà¤à¥€ मृत नहीं होते| अत: संधिसà¥à¤¥à¤² निरà¥à¤®à¤¾à¤£ की उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® अवधि में बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ बहूत ही महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है (गà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¾à¤§ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯, 1987)| तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा फाइबर की वृदà¥à¤§à¤¿ से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के बार में à¤à¥€ वृदà¥à¤§à¤¿ होती है| मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का करीब आधा à¤à¤¾à¤— गà¥à¤²à¥‡à¤² कोशिकाओं से निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ होता है| ये सूचनाओं का संवहन तो नहीं करती परंतॠमिलिनाइजेशन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है| इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤µà¤¿à¤• फाइबर मिलीं से ढका होता है| यह सूचना पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤®à¤£à¤•ो सकà¥à¤·à¤® बनाता है| गरà¥à¤à¤•ाल के चौथे माह से जनà¥à¤® के दो वरà¥à¤· तक, ये कोशिकाà¤à¤‚ विकसित होती रहती है (सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤¨ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯, 1984)| मिलिनाइजेशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के पूरà¥à¤£ विकास में महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है शैशवावसà¥à¤¥à¤¾ के अंत तक 90/100 वृदà¥à¤§à¤¿ (लगà¤à¤—) संपनà¥à¤¨ हो जाती है|
पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• – कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ का विकास
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का करीब 85% à¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• होता है| यही à¤à¤¾à¤— बौदà¥à¤§à¤¿à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के विकास के लिठउतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ होता है| मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का यह अंतिम पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤® होता है| इसलिठपरिवेश इसके विकास को सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है सà¥à¤®à¥€, 1982)|
पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¾à¤—ों से विशिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ होती हैं | जैसे – जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से सूचनाओं का अवशोषण तथा शारीरिक अंगों को अनà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करने के लिठआदेश पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना आदि| इन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के विकास के विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤£ के लिà¤, मृत बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨, रासायनिक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ तथा मिलीनाइजेशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के आधार पर किया गया| अनà¥à¤¸à¤‚धानों से पाता चलता है की कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ के विकास कà¥à¤°à¤® à¤à¤µà¤‚ शैशवावसà¥à¤¥à¤¾ तथा बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में विकसित कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के मधà¥à¤¯ संबंध पाया जाता है | वे तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोश जो सिर, वकà¥à¤· à¤à¤µà¤‚ à¤à¥à¤œà¤¾à¤“ं को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं, पहले परिपकà¥à¤µ होते हैं तथा मधà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ पैरों को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने वाले तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोश बाद में| अथारà¥à¤¤ यहाठविकासातà¥à¤®à¤• नियम कारà¥à¤¯ करता है| कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ के पिछले बाह का विकास à¤à¤µà¤‚ मिलिनेट पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ सबसे अंत में होता है| दो वरà¥à¤· की आयॠके उपरांत यह कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ ढंग से कारà¥à¤¯ करने लगता है तथापि (20 से 30 वरà¥à¤· की आयॠतक) इसमें वृदà¥à¤§à¤¿ होती रहती है ( सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤¨ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯, 1984)|
कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ का परà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में दो गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ पाये जाते हैं : वाम गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ à¤à¤µà¤‚ दकà¥à¤·à¤¿à¤£ गोलारà¥à¤¦à¥à¤§| यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ ये à¤à¤• समान दिखाई देते हैं परनà¥à¤¤à¥ इनकी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ à¤à¤• जैसा नहीं होता है| कà¥à¤› संकारà¥à¤¯ बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ से समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ होते हैं तो दà¥à¤¸à¤°à¥‡ के दकà¥à¤·à¤¿à¤£ गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ से| पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ संवेदिक सूचनाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है तथा शरीर के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ अथारà¥à¤¤ अपने विपरीत à¤à¤¾à¤— को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है| पà¥à¤°à¤¾à¤¯: वाम गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ वाचिका योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं, लिखने, बोलने à¤à¤µà¤‚ धनातà¥à¤®à¤• संवेगों यथा पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठउतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ होता है तो दकà¥à¤·à¤¿à¤£ गोलारà¥à¤¦à¥à¤§, सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤—त योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं, दूरी मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन, मानचितà¥à¤° पठन, अथवा रेखा चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ की पहचान तथा संवेगों यथा दà¥:ख काषà¥à¤Ÿ आदि की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठउतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ होता है| दकà¥à¤·à¤¿à¤£ हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤² लोंगो में परà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है|
दोनों गोलारà¥à¤¦à¥à¤§, की विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ परà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण कहलाती हैं| अनूसंधानकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं की रà¥à¤šà¤¿ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सूनमà¥à¤¯à¤¤à¤¾ से संबंधित विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में अधिक है| बचà¥à¤šà¥‡ के सूनमà¥à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से अनà¥à¤•ूलन आसानी से होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚की वहाठसंपादन अनà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हो जाता है, परंतॠपरà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण के बाद कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से नियतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होने वाली कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ सदा के लिठसमापà¥à¤¤ हो जाती है, पूरà¥à¤µ शोध तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ का परà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण जनà¥à¤® के दो वरà¥à¤· पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ ही आरमà¥à¤ होता है परंतॠआधà¥à¤¨à¤¿à¤• अनà¥à¤¸à¤‚धानों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है कि गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ विशिषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ारण की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जनà¥à¤® से ही पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठहो जाती है (गà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¨ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯, 1992) वयसà¥à¤•ों की à¤à¤¾à¤‚ति बचà¥à¤šà¥‡ की मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तरंगे वाचिक धà¥à¤µà¤¨à¤¿ को सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ समय अधिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ पायी गयी वहीं (आवाचिक आवाज) धà¥à¤µà¤¨à¤¿ à¤à¤µà¤‚ निषेधातà¥à¤®à¤• संवेगों तथा कड़वे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€ गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ की तंरगे अधिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पायी गयी (फाकà¥à¤¸ à¤à¤µà¤‚ डेविडसन, 1986; हेन, 1987)|
यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ विशिषà¥à¤Ÿà¤•रण जनà¥à¤® के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ ही सूरू हो जाता है तथापि इसके पूरà¥à¤£ होने में समय लगता है| मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सूनमà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पर किठगठआरमà¥à¤à¤¿à¤• अनà¥à¤¸à¤‚धानों से जà¥à¤žà¤¾à¤¤ होता है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के à¤à¤• गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ के पूरà¥à¤£ या अंश à¤à¤¾à¤— को शलà¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकाल दिया गया| अवशिषà¥à¤Ÿ गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ (वाम अथवा दकà¥à¤·à¤¿à¤£) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ की परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ के साथ- साथ à¤à¤¾à¤·à¤¾ अथवा सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤—त संकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ तो होती रही फिर à¤à¥€ पूरà¥à¤£ सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं हो पाया| मधà¥à¤¯ बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ अथवा किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ तक इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सामानà¥à¤¯ योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ तो पायी गयी परनà¥à¤¤à¥ जटिल संकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में कठिनाई पायी गयी (गà¥à¤¡à¤®à¥ˆà¤¨ à¤à¤µà¤‚ हà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¤•र, 1985)| à¤à¤• वरà¥à¤· की आयॠके पूरà¥à¤µ, शिशॠका मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• अधिक सà¥à¤¨à¤®à¥à¤¯ होता है| कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके अनेक संधिसà¥à¤¥à¤² का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ अà¤à¥€ नहीं हà¥à¤† रहता जिससे गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ का विशिषà¥à¤Ÿà¤•रण हो सके| परà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप में अनà¥à¤•ूलन कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ रहती है| दोनों गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤° पर विकसित होती हैं|
परà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण का विकास
हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करते हैं की गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ के विशषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•रण यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ आरमà¥à¤à¤¿à¤• आयॠमें ही शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है तथापि परà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आयॠके साथ विकसित होती है| हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ पर किये गठअनà¥à¤¸à¤‚धानों से शैशवावसà¥à¤¥à¤¾ à¤à¤µà¤‚ बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में परà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण विकास पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में जानकारी मिलती है| इस पà¥à¤°à¤•ार हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ उस पà¥à¤°à¤¬à¤² मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ का सूचक है, जिससे गतà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कौशल पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ से विकसित होता है| 90% दकà¥à¤·à¤¿à¤£ हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤² लोगों में हसà¥à¤¤ नियंतà¥à¤°à¤£ के साथ à¤à¤¾à¤·à¤¾ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ बायें गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ से निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ होता है परंतॠशेष 10% वाम हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤² लोगों में ये कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤‚ किसी à¤à¤• गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ न होकर दोनों के बाधà¥à¤¯ पायी जाती है, अथारà¥à¤¤ वाम हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤² लोग यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ बाà¤à¤‚ हाथ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• करते हैं तथापि दाहिने हाथ के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में à¤à¥€ वे कà¥à¤¶à¤² होते है (मैकमेनस à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯, 1988) कà¥à¤¯à¤¾ हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का विशिषà¥à¤Ÿà¤•रण अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक होता है ? इस पर शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं में मतà¤à¥‡à¤¦ है तथापि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ परिणाम अनूवाशिंक विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤£ के विपरीत तथà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करते हैं| अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जूडवों में ये शोध सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करते हैं की परसà¥à¤ªà¤° à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ गसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ पायी गयी जबकि आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारणों से इनमें अधिक समà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पायी जानी चाहिà¤| गरà¥à¤ में परसà¥à¤ªà¤° होता है| जूडवे, गरà¥à¤ में परसà¥à¤ªà¤° विपरीत दिशा में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं| अत: परà¥à¤¶à¥à¤µà¥€à¤•रण गरà¥à¤à¤•ालीन घटनाओं का परिणाम होता है| शिशॠगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में सà¥à¤¥à¤¿à¤° रहता है पà¥à¤¨: बायीं ओर मà¥à¥œà¤¤à¤¾ है| इस पà¥à¤°à¤•ार शरीर के दाहिने à¤à¤¾à¤— दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤‚गिमाओं का नियंतà¥à¤°à¤£ विकसित होता है (पà¥à¤°à¤¿à¤µà¥€à¤•, 1991)| पांचवें से छठे माह तक हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ शिशॠमें सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होने लगती है परंतॠदो वरà¥à¤· की आयॠतक सà¥à¤¥à¤¿à¤° नहीं हो पाती है (मैकरà¥à¤—िक à¤à¤µà¤‚ मारर, 1988)| हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ के विकास की à¤à¤¾à¤‚ति à¤à¤¾à¤·à¤¾ विकास की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के आरंठहोते ही बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ से अतिरिकà¥à¤¤ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की मांग बॠजाती है, जिससे गतà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¤à¥à¤• पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ का हà¥à¤°à¤¾à¤¸ होता है| नयी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤ जैसे- बलबलाना, पà¥à¤°à¤¥à¤® शबà¥à¤¦ à¤à¤µà¤‚ बाद के शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का संयोजन आदि, विकसित होने लगती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚की अब मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विशिषà¥à¤Ÿà¤•रण का कà¥à¤·à¥‡à¤® पà¥à¤°à¤¬à¤² à¤à¤µà¤‚ समृदà¥à¤§ हो गया रहता है (मैकà¥à¤•नà¥à¤¸ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯, 1988)|
कà¥à¤¯à¤¾ हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ मानसिक पà¥à¤°à¤•ारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के असामानà¥à¤¯ संगठन के बीच कोई संबंध होता है ? कà¥à¤¯à¤¾ मानसिक रूप से दà¥à¤°à¥à¤¬à¤² बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में वाम हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ पायी जाती है| यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ इनके बीच कारण पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ समà¥à¤¬à¤‚धों को पूरà¥à¤£à¤¤: सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हिनॠकिया जा सकता तथापि दोनों के मधà¥à¤¯ धनातà¥à¤®à¤• सहसंबंध पाया जाता है| आरमà¥à¤à¤¿à¤• चरण में ये बचà¥à¤šà¥‡ वाम गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के शिकार हो जाते हैं| इसलिठइनकी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ ततà¥à¤•ालीन विकसित होने वाली हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाती है| वामहसà¥à¤¤ à¤à¤µà¤‚ मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤² बचà¥à¤šà¥‡ सामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में वाणी à¤à¤µà¤‚ गणितीय योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ में अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ होते हैं| इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ का कारण संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की जैविकीय विशेषताओं, जो दोनों गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ में निहित होती है, को माना जाता है (वेंतà¥à¤°à¥‹, 1986)| परिवेशीय कारणों यथा; दायें हाथ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ दà¥à¤µà¤¾à¤° वाम हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤² बचà¥à¤šà¥‡ मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ हसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤² बनाये जा सकते हैं|
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास में अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤—तियों का उलà¥à¤²à¥‡à¤– मिलता है| कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ के अतिरिकà¥à¤¤ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के वे à¤à¤¾à¤— जो à¤à¤• दूसरे से जà¥à¥œà¥‡ होते हैं, आयॠवृदà¥à¤§à¤¿ के साथ आपस में समंजित होने लगते हैं| अवमसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• शारीरिक गति को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है| यह मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का आधार होता है| जनà¥à¤® के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ रेशे अवमसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तक मिलिनेट होने लगते हैं| जो 4 वरà¥à¤· के पहले तक पूरà¥à¤£ नहीं होते (टैनर, 1090)| इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण बचà¥à¤šà¥‡ में गतà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• नियंतà¥à¤°à¤£ की अदà¤à¥à¤¤ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित होती है, जिससे वह विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के खेल खेलता है|
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तंतà¥à¤“ं में à¤à¤• संरचना जिसे रेटीकूलर फारà¥à¤®à¥‡à¤‚शन कहते हैं, विकसित होने लगती है हो पूरà¥à¤µ बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ तक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ चेतना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के बनाठरखने में सहायक होती है| रेटिकà¥à¤²à¤° फारà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ में निहित तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोश रेशों को मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों में पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤¿à¤¤ करते हैं| अधिकांश रेशे कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ के फà¥à¤°à¤¨à¥à¤Ÿà¤² लोब में पहà¥à¤‚चते हैं जो संधृत अवधान तथा नियंतितà¥à¤° अवधान पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में सहायक होते हैं| कापरà¥à¤¸ केलोजम मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की à¤à¤• दूसरी संरचना है| पूरà¥à¤µ बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इसमें वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• विकास à¤à¤µà¤‚ परिवरà¥à¤¤à¤¨ होता है| यह रेशों का à¤à¤• बड़ा बंडल होता है जो दोनों गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ को à¤à¤• दà¥à¤¸à¤°à¥‡ से जोड़ता है, ताकि à¤à¤• दà¥à¤¸à¤°à¥‡ में सूचनाà¤à¤‚ समà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤·à¤¿à¤¤ हो सकें| इस à¤à¤¾à¤— की मिलियनाइजेशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ 1 वरà¥à¤· के पहले शà¥à¤°à¥‚ नहीं होती| 4-5 वरà¥à¤· तक इसका विकास होता रहता है (सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤¨ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯, 1984;विटेलसन à¤à¤µà¤‚ कईगर, 1988)| ततà¥à¤ªà¤¶à¥à¤šà¤¾à¤¤ जो उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤•ों के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤°à¤£ à¤à¤µà¤‚ तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अंत: समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ संकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में शिशॠसकà¥à¤·à¤® हो जाते हैं| मधà¥à¤¯ बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इस à¤à¤¾à¤— का विकास मंद गति से होतो है| इनके विकास की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं की जानकारी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ जैसे- अमूरà¥à¤¤ चिंतन à¤à¤µà¤‚ सृजनातà¥à¤®à¤• के बारे में विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ मिल सकता है|
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• वृदà¥à¤§à¤¿ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤— à¤à¤µà¤‚ विकास की संवेदनशील आवधि
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के तीवà¥à¤° विकास के दौरान जब संधिसà¥à¤¥à¤² का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है, तब समृदà¥à¤§ उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ती है| पशà¥à¤“ं पर किये गठअनà¥à¤¸à¤‚धानों से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है कि कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ के विकास की संवेदी आवधि में संवेदिक वंचना के कारण, विकास में अनेक पà¥à¤°à¤•ार के दोष पाये गà¤| वहीं समृदà¥à¤§ परिवेश में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के चाकà¥à¤·à¥à¤· केंदà¥à¤° को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है| इससे सामानà¥à¤¯ मानसिक विकास होता है, परंतॠसांवेगिक वंचना की दशा में मानसिक दोष या गड़बड़ी उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाती है| दूवैल तथा निसेल ने बिलà¥à¤²à¥€ के बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤®à¥‹à¤ªà¤°à¤¾à¤‚त 3-4 दिनों तक पà¥à¤°à¤•ाश से वंचित रखा| परिणामों में पाया गया की इन बिलà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के चाकà¥à¤·à¥à¤· केंदà¥à¤° का विकास दोषपूरà¥à¤£ हो गया| लगातार दो माह तक वंचना की दशा में रखने पर उसमें पूरà¥à¤£ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¦à¥‹à¤· पाया गया| असà¥à¤¤à¥ तीवà¥à¤° संवेदिक वंचना के कारण मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का पूरà¥à¤£ विकास दोषयà¥à¤•à¥à¤¤ हो जाता है| à¤à¤• अनà¥à¤¯ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ (गà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¾à¤¥ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ 1987) में समृदà¥à¤§ परिवेश में पà¥à¤²à¥‡ पशॠशावक का मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤•ाकी परिवेश में पले पशॠशावक की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सघन à¤à¤µà¤‚ अधिक à¤à¤¾à¤° यà¥à¤•à¥à¤¤ पाया गया| परनà¥à¤¤à¥ मानव शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास पर सवेंदनशील आवधि के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨,पूरà¥à¤µ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ की à¤à¤¾à¤‚ति न तो संà¤à¤µ है और न ही नीतिगत| परनà¥à¤¤à¥ अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· विधियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ साकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ के आधार पर इस अवधि के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होती है| शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने शैशवावसà¥à¤¥à¤¾ से किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ के मधà¥à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• वृदà¥à¤§à¤¿ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤— की जानकारी, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤¾à¤°, खोपड़ी के आकार में वृदà¥à¤§à¤¿ à¤à¤µà¤‚ कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ की विदà¥à¤¯à¥à¤¤à¥€à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में परिवरà¥à¤¤à¤¨ के आधार पर पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है (à¤à¤ªà¥à¤¸à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨, 1974, 80, पैनà¥à¤¨à¤° à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ 1987)| इस वृदà¥à¤§à¤¿ को बचà¥à¤šà¥‡ की बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ लबà¥à¤§à¤¿ तथा पियाजे के संकारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤£à¤¤à¤¾ से संबंधित किया जा सकता है| बनà¥à¤¦à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में छिपायी गयी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को ढूढंने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का आना कारà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ के फà¥à¤°à¤¨à¥à¤Ÿà¤² लोब में संधि सà¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ के विकास का सूचक होता है (डायमंड à¤à¤µà¤‚ गोलà¥à¤¡à¤®à¥ˆà¤¨- टेकिक, 1989)| विकास का यह सà¥à¤µà¤°à¥‚प मानव शिशà¥à¤“ं में à¤à¥€ पाया जाता है| वेल à¤à¤µà¤‚ फाकà¥à¤¸ (1992) ने पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ किया की मानव शिशॠमें à¤à¤• वरà¥à¤· की आयॠतक मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में परिवरà¥à¤¤à¤¨ पाया गया कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने छिपी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को ढूंढनें की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ है दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¥€| उपरà¥à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ आधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है कि तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोश संधियों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• वृदà¥à¤§à¤¿ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤— की आरंà¤à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होता है| अतिरिकà¥à¤¤ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशों की संधियों का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ à¤à¤µà¤‚ मिलिनाइजेशन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बाद में होती है (फिशर, 1987)| परंतॠमसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास में अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ की कितनी à¤à¥‚मिका होती है? इसके परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ जानकारी हेतॠआगे अनूसंधान अपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ है|
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